12:55

“एक छोटी सी आदत जो आपके रिश्ते और करियर दोनों सुधार दे”

by Rajat Kumar Agrawal

Type
talks
Activity
Meditation
Suitable for
Everyone

इस छोटी सी कहानी के ज़रिए हम सीखते हैं कि हमारी ज़िंदगी में ज़्यादातर परेशानियाँ हमारे Reaction की वजह से होती हैं, न कि Situation की वजह से। Reaction मतलब बिना सोचे तुरंत जवाब देना — गुस्से में, frustration में। Response मतलब समझदारी से, शांति से सोचकर जवाब देना। चाहे सड़क पर कोई कट मारे, बॉस कुछ कह दे या घर में कोई बात हो जाए — अगर हम Reaction की जगह Response चुनें, तो हमारा stress कम होगा, रिश्ते सुधरेंगे और मन शांत रहेगा। आज जानिए: - Reaction और Response में फर्क - गुस्से को कैसे कंट्रोल करें - Mindful तरीके से ज़िंदगी कैसे जिएँ

Anger ManagementResponse Vs ReactionDecision MakingPersonal ResponsibilityMindfulnessInner PeaceStress ReductionRelationshipsMindfulness Break

Transcript

आज दो बच्चे पार्क में खड़े हुए थे और आपस में बहुत गहन डिस्केशन चल रहा था आपस में एक जो लड़का था वो तूसरे से बोला कि यार तुम्हें पता है तूसरे ने बोला क्या पता है पहले ने कहा यार मुझे स्कूल में जो है न मेरे क्लास के एक लड़के ने बहुत तेज़ बारा देख देख ये निशान पढ़ गया उसके चक्कर में तो तूसरे ने कहा हो क्यों मारा भाई तो पहले ने कहा यार मैंने उसकी जो है न किताब आदी भाड़ दी तो तूसरे ने बोला हस्ते वे अबे यार तो तुमने उसकी किताब क्यों फाड़ी तु फाड़ेगा तो उमारेगा ही तुनने मारा तुनने क्यों फाड़ी उसकी किताब तो पहले ने कहा यार उसने मेरी किताब पूरी फाड़ दी तो मैंने उसकी आदी भाड़ दी तो पहले ने कहा अबे यार तुनने उसकी किताब क्यों फाड़ने की जूरत थी जाके टीचर से बोल देता खा गया ना मार तो पहले कहा है हाँ यार मैंने भी फाड़ दी उसकी किताब ये तो बिलत की हुआ तो अब आप जो है सेम थिंग हमारे भी लाइफ में होता है हम बहुत सारे डिसीजन्स जो होते हैं वो बिना सोचे लेते हैं क्या आपको response और react में अंतर पता है?

बहुत सारे लोग को पता होगा बहुत सारे लोग को नहीं पता होगा जिनको नहीं पता हो मैं बताता हूँ response जब आप कोई चीज़ सोच समझ करते हैं और reaction is की जब जो ही situation आई आपने तुरंट उसका चवाब दे दिया लेट से आप रास्ते में चल रहे हैं हम सब के साथ अच्छर ही होता है यह चीज़ हम रास्ते में चल रहे हैं एक आई कोई मोटर साइकल वाला कार वाला आपकी गाड़ी को तेजी से ओवर टेक कर लेता है एकडम से कट माता है जूम कर दे आप क्या करते हैं एकडम से आपका टेमपर हाई होता है ता immediate reaction तो वही होता है ब्रेक करना मारना गाड़ी टर्न करना है वो तो आपके इंस्टिंट काम करती है लेकिन आपके दिमाग में क्या सलता है अरे यार ये कैसा आदमी है गाड़ी चलाने नहीं आती इसने इतनी तेज़ कट मारा अगर गाड़ी भेहर जाती तो और आप जो है दो चार बढ़यांसी पाते बोल डालते हो है कि नहीं तो पर उस चीज को सोचते हुए आप पंधरा मिनेट बीइस मिनेट आपके दिमाग में वो काम चलता रहता है कम से कम दूसरा एक्जांपल लेता है आप आफिस गए बॉस ने आपको कुछ काम बताया था पिछले दिन आपने वो करके सामने रख दिया सुबह सुबह आपने अपना काम इमेल कर दिया या फाइल दिखाई और बॉस कहता है अरे यार ये तुमने क्या किया है तिस नहीं अपने पर प्रेजन्टिंग करना है अब आपका क्या reaction होगा आपके दिमाग में क्या चलेगा सारा frustration सारा गुस्सा यही सारी चीज़े चलेंगी एक और example ले लेते हैं आप सुबह से काम कर रहे हैं घर जाते हैं घर जाके आपकी बीवी ने दर्वाजा कोला या अदर way around भी आपके आपके अपने दर्वाजा कोला और आपके सुबह जाते समय उसने कोई काम बोला था या कोई समान बोला था जो आपको करना है लाना था लेकिन आप वो नहीं रिख गया घर में खोसते ही सबसे पहले पत्नी ने या पती ने बोला कि तुमने ये काम क लाया या तुमने ये समान लाया और आपने बोला नहीं तो उसका reaction एकड़म change अब उस moment में क्या होता है उस moment में जब ऐसा कुछ reaction आता है तो आप एकड़म से जुंजला जाते हैं कि ये मैं मैं सुबह से काम करके घर में गोस रहा हूँ और पहली चीज मुझे ये काम लाया सुनने को मिल रही है,

Complaint सुनने को मिल रही है और फिर जो है फिर वो जो evening है आपकी जो आप ये सोच के आए थे घर जाके अराम करूँगा वो जो है evening आपकी पूरी की पूरी messed up हो जाती है लड़ाई,

झगडट,

रूठना,

मनाना,

Tension इस चीज में आपके तिन चार घंटे,

पाँच घंटे,

कभी कभी पूरी रात निकल जाती है कई लोगों की तो हफ़ते हफ़ते भी निकल जाते है आप एक चीज बताईए आप जो भी चीज कर रहे हैं,

जो भी काम कर रहे हैं,

जो भी कपड़े पहन रहे हैं,

जैसे भी आप देख रहे हैं,

ये किस की choice है?

ये आपकी खुद की choice है,

आपको क्या कपड़े पहनना है,

आपको आज क्या खाना खाना है,

या क्या खाने का मन है विश्ली,

आपने किस तरह के make up किये हैं,

आपने,

आप किस तरह से चल रहे हैं,

ये सारी choice आपकी हैं तो आपके दिमाग में भी जो चल रहा है,

वो भी आपकी ही choice है बहुत सारे लोग कहते हैं कि circumstances के कारण choices बदल जाती हैं,

घर में जो चल रहा है,

Office में जो चल रहा है,

उसके कारण mental imbalance हो जाता है लेकिन वो भी किस की choice है?

अगर आपके दिमाग में mental imbalance हो रहा है,

तो वो किस की choice है?

वो आपकी खुद की choice है जो भी दिन और रात आपके साथ हो रहा है,

जिस पी तरह से आप response कर रहे हैं,

उसी चीज के सारे repercussions हैं अगर आप अपने husband या wife को दो मिनिट response कर रहे हैं,

जब उसने आपको कुछ बोला कि आपने ये काम नहीं किया,

तो दो मिनिट अगर आप उस चीज को ठहर जाते,

और या तो बिना कुछ बोले,

या फिर a simple word sorry बोलके कि हाँ चलो अभी कर देता हूँ,

या चलो कल कर दूँग करके अगर आप उस पे आगे बढ़ जाते,

तो आपके पूरी रात नहीं खराब होती अगर boss ने कुछ आपको सुबह बोल दिया,

तो instead of thinking कि यार मैंने कल इतनी महनत करी और आज जो है इसने ऐसे बोल दिया,

मेरा तो boss ही बेकार है,

ये सोचे बिना अगर आप जो उसने बोला उस चीज को अपडेट करके उसके हिसाब से फाइल दे देते,

तो आपको कोई टेंशन नहीं होता अगर उस लड़के ने जो जिसने दुसरे की किताब फ़ड़ी,

अगर उसने सिम्प्ली जाके टीचर को ही बोल दिया होता कि मैड़म इसने मेरे साथ ये किया,

मेरी किताब फ़ड़ दी,

तो मैड़म चाहे कुछ करती नहीं करती,

लेकिन वो मार खाने से बच जाता है पर व हमें तो हमें जो है ये जो भी चीजे करनी होती है,

करनी चाहिए,

वो हमें बहुत सोच समझ के करनी चाहिए,

हम अपने अपने भगवान के पास जाते हैं और उनके सामने जो है प्रॉबलम्स का पुलिंदा खोल देते हैं कि भगवान ये ये कमी है इसको जड़ा सौर्ट आउट करो,

मेरे जीवन में ये कमी है,

मेरे साथ ये प्रॉबलम है,

अगर आपका बच्चा आपके सामने पुलिंदा खोल के रोज बैठा रहे,

जब भी आये वो पुलिंदा ही खोल के बैठा रहे,

तो आप क्या करोगे,

कहोगे आरे यार तुम्हारे पास तो प्रॉबलम ही प्रॉबलम रहती है,

कभी खुज भी रहते हो तुम,

अगर आपका बच्चा आपके सामने पुलिंदा खोल के रोज बैठा रहे,

तो आपका बच्चा आपके सामने पुलिंदा खोल के रोज बैठा रहे,

तो आपका बच्चा आपके सामने पुलिंदा खोल के रोज बैठा रहे,

तो आपका बच्चा आपके सामने पुलिंदा � उन्होंने आपको सारे वर्ल्ड की शक्ती दी है,

जिसमें आप सारे राइट डिसीजन लेके पीस्फुली रह सकते हैं.

वो पीस्फुली रहने का अधिकार आपसे कोई नहीं छिन सकता.

और उस पीस्फुल तरीके से रहने के लिए आपको क्या करना है,

उसका अधिकार सिर् फाफी के पास है और इसका कोई निगेट नहीं कर सकता इस चीज़ को.

आप जो भी डिसीजन लेते हैं,

जब भी किसी इसी तरह की प्रोबलम आती है,

इस तरह की,

किसी भी तरह की,

आप बस 30 सेकंड का ब्रेक लिजिये,

उसके उपर चिंतन करिये 30 सेकंड मैक्सिमुम,

प� आपका सारा गुश्य शान्त हो जाएगा और आपको किस तरह रिस्पॉंड करना है,

वो डिरेक्शन आपको आपकी अंतरात्मा देगी और 99 परसेंट केसिस में वो डिरेक्शन हमेशा सही होती है,

जो आपको पीस के रास्ते पे लेके जाती है आज मैं इसी विशे में बताना चाहता था,

बात करना चाहता था और मैं ये आपको जताना चाहता था कि आपके पास सारे अदिकार हैं,

आपके पास सारी सक्ती है अच्छे से जीवन जीने के लिए,

कुछ भी पाने के लिए,

अपनी सोज को स्वच्च रखते हुए लाइफ में आगे बढ़ने के लिए,

तो उसका इस्तेमाल करिये और अच्छे से रहिये

Meet your Teacher

Rajat Kumar AgrawalNoida, Uttar Pradesh, India

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